बीता समय कभी लौटता नहीं

                                          बीता समय कभी लौटता नहीं 



                                                        उड़  गया मेरा समय जैसे विहङ्गम 

और खाली हाथ जीवन रह गया |

निरन्तर टिक टिक करती हुई  और सरकती सुईयां हमसे अनवरत कह रही हैं "समय चला जा  रहा है कुछ कर लो, कुछ कर लो '' समय किसी के रोके नहीं रुकता | जीवन का हर  एक क्षण बहुत मूल्यवान होता है, जो एक बार चला जाता है वह पुनः लौट कर नहीं आता| पक्षी की तरह उड़ कर वह हमारे वर्तमान जीवन को खाली  कर जाता है |  हम हाथ मलते रह जाते हैं | इसलिये समय के एक क्षण को भी व्यर्थ मत जाने देना चाहिये | इसका पूरा उपयोग करना चाहिये  | कहा भी है----

                                                    फिर पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग  गई खेत  

समय सच्चा एवं अमूल्य धन है | यह ऐसी पूंजी है जो निर्धन के पास भी है और धनवान के पास भी | बिना किसी भेदभाव के समय जैसे अमूल्य धन के लिये प्रत्येक व्यक्ति स्वतन्त्र है, जो व्यक्ति इसका सदुपयोग  करता वह अपने भाग्य का निर्माता बन जाता  है |,इसके विपरीत जो समय रूपी धन का उपयोग समयानुसार नहीं करता वह  अपना सर्वनाश कर देता  है | हमें प्रत्येक क्षण ध्यान रखना चाहिये कि हम  किस प्रकार अपना  समय व्यतीत कर रहें  हैं क्योंकि हम अपने भाग्य के निर्माण में स्वयं सहायता कर रहे हैं |

मनुष्य के जीवन में समय के एक एक क्षण का मूल्य मणि मुक्ता से कम नहीं है |बीता समय कभी लौट कर नहींआता |वह खोया क्षण न जाने  हमारे लिए कितना महत्व पूर्ण होता है ,आज का कवि तो  एक क्षण में भी  जीवन की  संपूर्णता देखता है |अज्ञेय मानते थे बीता  समय कभी लौट कर नहीं आता और आने वाला क्षण अनिश्चित है इसलिये वर्तमान क्षण ही सबसे मूल्यवान है |

स्वेटमार्टेन ने अक्षरशः सत्य लिखा है  कि ईश्वर एक क्षण एक ही बारी देता है दूसरा क्षण देने से पूर्व उस क्षण को ले लेता है इसलिये मनुष्य को जीवन  के प्रत्येक क्षण का उपयोग एवं उपभोग करना चाहिये ताकि वह  अपने वर्तमान और भविष्य को सुन्दर बना सके | भविष्य में समय का सदुपयोग करूंगा, ऐसा सोचने वाला व्यक्ति सदा टालमटोल की प्रवृति  का अभ्यस्त हो जाता है |इसलिये यत्न करना चाहिये कि अपने वर्तमान के प्रत्येक क्षण का उपभोग कर अपने भविष्य की नींव को मजबूत करें और सोचे गये कार्य को  उसी समय कार्य का रूप देकर उसकी पूर्ति कर दें  |कबीरजी  का यह  संदेश कितना सार्थक है ----

      'काल करे सो आज कर आज करे सो अब '

                                                         पल में परलय होयेगी बहुरि करेगा कब 

कबीर जी ने इस दोहे में समय और जीवन दोनों पर महत्व  दिया है कि अपना कार्य  आज ही पूरा कर लेना  चाहिये कल किसने देखा है |सफलता प्राप्त करने  के लिये आज के कार्य को आज ही समाप्त करना लेना चाहिये | आज और अब को पकड़ समय कर उपयोग कर लेना चाहिये ,क्योंकि कल की प्रतीक्षा  तो अनजानी है  |अङ्ग्रेजी में बेन्जामिन फ्रेन्क्लिन ने  बहुत सुन्दर  कहा  है---------

       खोया समय दुबारा नहीं ढूंढा जा सकता

निरन्तर गतिशील समय का  मनुष्य को सदा सम्मान करना चाहिये |इतिहास इस बात का साक्षी है कि विश्व के  किसी भी देश का  महापुरुष समय के सदुपयोग करने से  ही महान बन सका है | समय पर किये गये कार्यों मे  बाधायें अपने आप ही समाप्त हो जाती है |समय रहते काम करने  से बड़ी  से बड़ी   मुसीबत से छुटकारा पाया जा सकता  है |समय रहते कार्यपूर्ति करने  से मानसिक तनाव दूर होता  है  इसलिये लिखा गया है -

                                                     A  STITCH IN TIME SAVES NINE

किसी भी व्यक्ति को यदि अपने लक्ष्य से प्रेम है उसे समय नष्ट नहीं करना चाहिये |जो समय को नष्ट करता  है वह  स्वयं   नष्ट हो जाता है | बीते समय को याद कर अपने वर्तमान  और भविष्य को नष्ट कर डालता है |समय धन से भी  अधिक मूल्यवान है | धन खो जाने पर फिर कमाया जा सकता है परन्तु अतीत को वर्तमान बनाना मनुष्य के  वश में नहीं ,कल पर  छोड़ने वाला व्यक्ति कार्य को समय पर पूरा नहीं कर पाता है | आप प्रयत्न करके ज्यादा धन तो प्राप्त  कर सकते हो पर ज्यादा समय नहीं | जिमरोहन केअनुसार ---

Time is more valuable then money.you can get more money,but you cannot get more time

आज और अभी किया गया कार्य ही हमारे भविष्य की नींव रखता है| समय का पूरा उपयोग करते हुये हम अपने भविष्य के लक्ष्य की सिद्धि को पा सकते हैं | समय रहते अपने मन मस्तिष्क का पूरा  सदुपयोग कर हम श्रेष्ठ  भावी जीवन की संकल्पना कर सकते हैं |  समय पर की गई मेहनत मनुष्य को उसके  उद्देश्य प्राप्त करने लिये उसकी सहायता करती है  महात्मा गान्धी जी के विचार में पूर्णतया सत्यता झलकती है कि -------   

  आपका भविष्य  आज के किये कार्यों के ऊपर निर्भर करता  है 

इसलिये अत्यावश्यक है कि समय रहते अपने कार्यों  की पूर्ति   कर लेनी चाहिये | ईश्वर  प्रदत सबसे शक्तिशाली धन काल को माना गया है | समय की गति निर्बाध एवं परिवर्तनशील है |समय किसी के लिये प्रतीक्षा नहीं करता |

कोई भी मनुष्य अपने जीवन में सफलता तभी प्राप्त कर सकता है, जब वह  समय की महत्ता को समझे| समय एक अलौकिक  शक्ति है जो निश्चित रूप से  आगे बढने  की प्रेरणा देती  है | इस लिये अपने कार्य की पूर्ति समय पर कर लेनी चाहिये | समय की गति से पीछे रहने वाले अपने कार्य की पूर्ति  समय पर नहीं कर पाते  और कार्य के बोझ के तले दब कर  अपने आपको कोसते रहते  हैं| कहते हैं ---------------

आषाढ़ का चूका किसान  और डाल का चूका बन्दर कहीं का  नहीं  रहता '

बीते समय के उन क्षणों और खोये हुये अवसरों को पुनः प्राप्त करना एकमात्र चिन्तन रह जाता है |उसका   चिन्तित मन अपने वर्तमान को कचोटता रहता है| हाथ  से गया समय  मन मस्तिष्क और भविष्य के सपनों को स्वाहा कर देता है | जिस प्रकार ज्वारभाटा बिना किसी की प्र्तीक्षा किये अपनी स्थिति केअनुसार उपर नीचे जाता है| उसी प्रकार समय भी बिना किसी बाधा के निरन्तर चलता रहता है | इसलिये वर्तमान में समय के स्तम्भ को मजबूती से पकड कर भविष्य के सुन्दर  पुष्पों से सुसज्जित कर जीवन  के प्रत्येक  क्षण का स्वागत करें | 

जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है  समय उसका सम्मान करता  है 

विद्यार्थियों के लिये समय हमें अनुशासन और नियमितता सीखता है |यदि विद्यार्थी समय पर विद्यार्जन करें,अपना कार्य  समय पर पूरा करें ,समय का पूरा पालन करें तो वह  परीक्षा में अच्छा परिणाम पाकर अपने भविष्य  के लिये साधे हुए लक्ष्य को आसनी  से प्राप्त कर सकते हैं |वास्तव  में समय ही जीवन है | इसका  सदुपयोग करना चाहिये | जो इसका सदुपयोग  करता है वह अपने भाग्य का स्वयं विधाता बनता है| इसके  विपरीत जो समय का सदुपयोग नहीं करता  है वह स्वयं अपना सर्वनाश कर लेता है | समय ही अपनी जीवन में सुचारु रूप से चलने की सीख  देता है | समय तो इस जीवन का सबसे बड़ा  शिक्षक है जो कठिन समय में भी अपनी लक्ष्य की और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है इसलिये  -------  

समय अमूल्य है  इसे व्यर्थ न गवायें

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